इराक के बसरा के अबू अल कसेब इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच चार भारतीय नाविक फंसे हुए हैं. इनमें से एक ने रेक्स परेरा ने ABP न्यूज से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत में अपनी दर्दनाक स्थिति बयां की. रेक्स ने बताया कि वे पिछले एक महीने से जहाज पर फंसे हैं और हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं.
रेक्स के मुताबिक, ‘वे युद्ध शुरू होने से पहले ही वहां मौजूद थे, लेकिन अब इराक का एयरस्पेस बंद होने के कारण भारत लौटना संभव नहीं हो पा रहा है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शिपओनर ने उनके पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं और एक महीने से वापस नहीं किए हैं, जिससे उनकी वापसी की प्रक्रिया अटकी हुई है.’
जहाज में कुल 4 भारतीय फंस हुए हैं
उन्होंने बताया कि जहाज पर कुल चार भारतीय हैं, जिनमें दो उत्तर प्रदेश, एक महाराष्ट्र के नालासोपारा और एक पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. सभी के बीच डर का माहौल है.
रेक्स ने कहा, ‘हमने अपने बैग पैक करके रखे हैं. आसपास बमबारी होती रहती है, अगर जहाज को कोई नुकसान हुआ तो जो हाथ में आएगा लेकर जान बचाने के लिए भागना पड़ेगा.’
उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा के लिए वे शिफ्ट में सोते हैं, दो लोग सोते हैं और दो जागते रहते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक-दूसरे को सतर्क किया जा सके. रेक्स ने कहा कि विस्फोट इतने तेज होते हैं कि जहाज हिल जाता है और ऐसा महसूस होता है जैसे भूकंप आ गया हो.
परिवार के लोग काफी परेशान हैं: रेक्स परेरा
रेक्स ने आगे बताया कि उनके पिताजी लगातार उन्हें कॉल करके यह कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से घर लौट आये, हर कोई परेशान है और सही कहूं तो मैं हम सब कितना डरे हुए हैं अपने डर को बयान ही नही कर सकते. हमें 4 महीने से पगार नही मिली है इसके बावजूद परिवार कह रहा है पैसे नही मिलेंगे चल जाएगा पर सही सलामत लौट आऊं.
इस बीच FSUI के जनरल सेक्रेटरी मनोज यादव ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर इन नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि ये सभी नाविक बेहद खतरनाक हालात में फंसे हैं, जहां उनके आसपास 15-20 किलोमीटर के दायरे में लगातार बमबारी हो रही है.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिपओनर द्वारा दस्तावेज रोके जाने के कारण ये नाविक जहाज पर ‘जेल’ जैसे हालात में जी रहे हैं और मानसिक तनाव व डर का सामना कर रहे हैं. भारतीय दूतावास और डीजी शिपिंग से लगातार संपर्क के बावजूद अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. रेक्स और उनके साथियों ने भारत सरकार से जल्द से जल्द सुरक्षित निकासी और स्वदेश वापसी की गुहार लगाई है.
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