हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देश में ईंधन को लेकर कई तरह की खबरें सामने आई थीं। इसी पर अब केंद्र सरकार ने साफ तौर पर स्थिति स्पष्ट की है।
गौरतलब है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। मौजूद जानकारी के अनुसार, देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है।
बता दें कि मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पेट्रोल पंप को ईंधन की राशनिंग करने का निर्देश नहीं दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ जगहों पर जो कमी की खबरें सामने आईं, वह असल में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण हुई घबराहट और अचानक बढ़ी मांग का नतीजा थीं।
सरकार के मुताबिक, देश आज भी ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को ईंधन सप्लाई करता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित मानी जाती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने चिंता को खारिज किया है। भले ही होरमुज स्ट्रेट में बाधाएं आई हों, लेकिन भारत अब 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल प्राप्त कर रहा है, जिससे आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जा चुकी है।
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में कहीं भी इसकी कमी नहीं है। उत्पादन में बढ़ोतरी की गई है और रोजाना लाखों सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। बता दें कि हाल के दिनों में घबराहट के कारण मांग बढ़ी थी, लेकिन अब यह सामान्य स्तर पर लौट आई है।
सरकार ने पाइप गैस के विस्तार को भी एक दीर्घकालिक योजना बताया है और कहा कि इसका संबंध किसी कमी से नहीं, बल्कि स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने से है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में पाइप गैस कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं।
इसके साथ ही रणनीतिक भंडार को लेकर फैल रही अफवाहों को भी खारिज किया गया है। सरकार के अनुसार, देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार मौजूद है और आने वाले महीनों के लिए भी आपूर्ति सुनिश्चित है।
मंत्रालय ने साफ चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। उसने कहा कि जरूरी वस्तुओं को लेकर अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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