Dhurandhar: The Revenge | Image:
Social Media
अगर आप भी रणवीर सिंह के इस खूंखार और शांत किरदार के पीछे का सच जानना चाहते हैं, तो यहां हम आपको उनके दर्दनाक अतीत की पूरी कहानी आसान शब्दों में बता रहे हैं।
जसकीरत सिंह रंगी और उनका हंसता-खेलता परिवार
डायरेक्टर आदित्य धर ने फिल्म में जसकीरत की आम और शांतिपूर्ण जिंदगी को बहुत ही खूबसूरती से दिखाया है। जसकीरत सिंह रंगी एक साधारण पंजाबी परिवार का इकलौता बेटा है, जो भारतीय सेना में शामिल होने की ट्रेनिंग ले रहा है। उसके परिवार में उसके पिता जो खुद इंडियन आर्मी में अपनी सेवा दे चुके हैं, उसकी मां जो एक हाउसवाइफ हैं और दो बहनें शामिल हैं।
फिल्म के शुरुआती सीन्स में जसकीरत अपनी एक बहन ‘जसलीन कौर’ (जिसका किरदार पंजाबी एक्ट्रेस परवीर कौर पंधेर ने निभाया है) की शादी की तैयारियों में खुशी-खुशी लगा हुआ दिखाई देता है। लेकिन, पलक झपकते ही यह खुशहाल परिवार पूरी तरह से बिखर जाता है।
बता दें कि ‘जसलीन कौर’ का किरदार पंजाबी एक्ट्रेस परवीर कौर पंधेर ने निभाया है।
इस खौफनाक सच ने बदल दी जसकीरत की दुनिया
कहानी में असली दर्द तब शुरू होता है जब एक भ्रष्ट और ताकतवर नेता जसकीरत के पिता की सैन्य सेवा से चिढ़कर उनके परिवार को अपना निशाना बनाता है। नेता के गुंडे जसकीरत की बहन जसलीन को अगवा कर लेते हैं। जसकीरत अपनी जान पर खेलकर दुश्मनों से लड़ता है और अपनी बहन को बचा कर ले आता है। लेकिन, उसकी यह बहादुरी राजनीति और भ्रष्टाचार के आगे हार जाती है।
उस नेता की ताकत और रसूख के चलते जसकीरत को सेना से निकाल दिया जाता है और झूठे इल्जाम लगाकर जेल में डाल दिया जाता है। जसकीरत के जेल जाते ही नेता के गुंडे उसके बेबस परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ते हैं। वे उसके पिता की बेरहमी से हत्या कर देते हैं और उसकी दूसरी बहन ‘हरलीन कौर’ के साथ रेप करके उसे भी मौत के घाट उतार देते हैं।
बता दें कि हरलीन कौर का किरदार एक्ट्रेस हितिका बाली ने निभाया है।
यह कल्पना से परे का दर्द और सदमा जसकीरत की रूह पर एक ऐसा गहरा घाव छोड़ जाता है, जो कभी नहीं भरता है। रणवीर सिंह ने इस छटपटाहट, दुख और पछतावे को पर्दे पर अपने हर एक सीन में बखूबी जिया है।
जसकीरत का अंत और ‘हमजा’ का जन्म
अपने परिवार के साथ हुए इस भयानक अन्याय को जसकीरत बर्दाश्त नहीं कर पाता। इसी दौरान जेल में उसकी मुलाकात आईबी चीफ अजय सान्याल यानी आर माधवन से होती है। अजय सान्याल उसे ‘ऑपरेशन धुरंधर’ का हिस्सा बनने के लिए मना लेते हैं।
यह रात जसकीरत की जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होती है। इसी रात वो कसम खाता है कि जब तक वह अपने परिवार की मौत के जिम्मेदार हर एक इंसान को खत्म नहीं कर देता, तब तक चैन से नहीं बैठेगा। यह वही रात थी जब एक साधारण फौजी ‘जसकीरत’ मर जाता है और खूंखार ‘हमजा’ का जन्म होता है।
लियारी पर राज करने का सफर
इसके बाद कहानी जसकीरत सिंह रंगी यानी अब हमजा के इंतकाम और इंसाफ की आग के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म दिखाती है कि कैसे हालातों का मारा एक आम आदमी एक ऐसा खूंखार योद्धा बन जाता है जो अपने दुश्मनों के होश उड़ा देता है। जसकीरत की यह बैकस्टोरी इस फिल्म को सिर्फ एक एक्शन स्पाई थ्रिलर नहीं रहने देती, बल्कि इसे खोने के दर्द, असीम हिम्मत और इंसाफ की एक बहुत ही इमोशनल कहानी बना देती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.