Last Updated:
Arvind Kejriwal Latest News: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी करने वाले ट्रायल कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि गवाहों और जांच अधिकारी पर की गई कुछ टिप्पणियां पहली नजर में गलत लगती हैं और उन पर विचार करने की जरूरत है.
दिल्ली हाईकोर्ट का अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को नोटिस
लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि चार्ज के शुरुआती चरण में ही इस तरह की टिप्पणियां करना उचित नहीं माना जा सकता. अदालत के अनुसार, ट्रायल कोर्ट ने गवाहों और सरकारी गवाहों के बयानों के संबंध में जो टिप्पणियां की हैं वे पहली नजर में गलत प्रतीत होती हैं.
कठोर टिप्पणियां करना उचित नहीं: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई के जांच अधिकारी (जांच अधिकारी) के खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियां भी उचित नहीं लगतीं. ट्रायल कोर्ट ने जांच अधिकारी पर गलत जांच करने और अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था, जिसे हाईकोर्ट ने पहली नजर में पूरी तरह गलत बताया.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चार्ज के स्तर पर इस तरह की कठोर टिप्पणियां करना उचित नहीं है. इसी को देखते हुए हाई कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ की गई टिप्पणियों और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश वाले निर्देश को अगली सुनवाई तक रोक दिया है.
केजरीवाल-मनीष सिसोदिया को नोटिस
दिल्ली शराब घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया को नोटिस जारी किया है. इस मामले में सभी 23 आरोपियों से सीबीआई की याचिका पर अपने जवाब दाखिल करने को कहा गया है. अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी. सोमवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई और उसके जांच अधिकारी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक लगाई. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राऊज एवेन्यू कोर्ट को इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई तब तक टालने का भी निर्देश दिया, जब तक कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर फैसला नहीं कर लिया जाता.
तुषार मेहता ने दी क्या दलील?
एसजी तुषार मेहता ने मांग की थी कि हाईकोर्ट फिलहाल ये आदेश पास करे कि मनी लॉन्ड्रिंग वाले केस पर राऊज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा. तुषार मेहता ने कहा कि यह राष्ट्रीय राजधानी के सबसे बड़े घोटालों में से एक है. वैज्ञानिक जांच की गई और साजिश के हर पहलू को साबित किया गया है. इसके बाद, हाईकोर्ट ने साफ किया कि जब तक इस केस का हाईकोर्ट में निपटारा नहीं हो जाता, तब तक निचली अदालत में दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले पर सुनवाई नहीं होगी.
क्या है मामला?
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में 23 अन्य लोगों के साथ बरी कर दिया था. केजरीवाल और सिसोदिया को महीनों जेल में रहने के बाद बरी कर दिया गया था. कोर्ट से बरी होने पर आम आदमी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. अरविंद केजरीवाल का आरोप था कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा ने उनके खिलाफ साजिश रची थी. सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.