जन्म और परिवार
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई की थी। उनके पास राजनीति विज्ञान और संस्कृत में भी डिग्री थी। सुषमा स्वराज ने वकील के रूप में सुप्रीम कोर्ट में अभ्यास किया था। फिर साल 1970 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ीं और यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरूआत हुई।
इसे भी पढ़ें: Sarojini Naidu Birth Anniversary: देश की पहली महिला Governor थीं सरोजिनी नायडू, साड़ी फाड़कर बनाया था तिरंगा
राजनीतिक सफर
साल 1977 में सुषमा स्वराज ने हरियाणा सरकार में बतौर शिक्षा मंत्री पद ग्रहण किया था। यह एक बड़ी उपलब्धि है कि वह महज 25 साल की उम्र में देश की सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं। फिर दो साल बाद 1979 में उनको भाजपा नेतृत्व ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। वह सबसे कम उम्र की कैबिटेन मंत्री रहीं।
पर्सनल लाइफ
सुषमा स्वराज शादी, पति और परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ देश और अपने पद के प्रति भी गंभीर थीं। उन्होंने शादी के बाद अपने पति का सरनेम नहीं अपनाया था, बल्कि पति के नाम को ही सरनेम बना लिया था। सुषमा स्वराज के पति का नाम स्वराज कौशल है। सुषमा स्वराज की एक बेटी है, जिसका नाम बांसुरी स्वराज है।
उपलब्धि
आप सुषमा स्वराज की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि वह 7 बार संसद की सदस्य के रूप में चुनी गईं। इसके अलावा उनको उत्कृष्ट सांसद का भी पुरस्कार मिला था। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में साल 1996 में सुषमा स्वराज सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल हुईं। फिर साल 1998 में केंद्रीय मंत्रिमंडल को छोड़कर दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। उनको एक राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता होने का भी गौरव प्राप्त है। वहीं बोलने के कौशल की वजह से सुषमा स्वराज को लगातार 3 साल तक राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ हिंदी स्पीकर का पुरस्कार मिला था।
विदेश मंत्री
सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री के रूप में बड़ी उपलब्धियां हासिल की। जब भी कोई सुषमा को ट्वीट करके सहायता मांगता तो वह हमेशा मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाती थीं। उन्होंने यमन में फंसे साढ़े पांच हजार से अधिक लोगों को बचाया था। इस ऑपरेशन में भारतीयों के साथ ही 41 देशों के नागरिकों को सुरक्षित देश पहुंचाने में मदद की। वहीं 8 साल की बच्ची गीता 15 साल पहले भटककर सरहद पार पाकिस्तान पहुंच गई। वह सुषमा स्वराज ही थीं, जो गीता को 23 साल की उम्र में वापस लेकर आईं। इस तरह कोलकाता की जूडिथ को काबुल से अगवा कर लिया था। जिसके बाद सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाई गई, तब उन्होंने अफगान के अधिकारियों से बात करके जूडिथ को रिहा कराया।
मृत्यु
वहीं साल 2019 में दिल का दौरा पड़ने से सुषमा स्वराज की मृत्यु हो गई।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.