दिल्ली विधानसभा कैंपस में सुरक्षा उल्लंघन करने वाले आरोपी सरबजीत सिंह (37 साल) को लेकर कई खुलासे हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह 1 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में अपने घर से निकला था। करीब पांच दिन तक उसका कोई पता नहीं था। इस दौरान उसने परिवार से एक बार संपर्क किया लेकिन अपनी लोकेशन के बारे में कुछ नहीं बताया। सूत्रों के मुताबिक, वह 2 अप्रैल को बरेली गया और फिर 6 अप्रैल को दिल्ली पहुंचा था। परिवार ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है और किसी के काबू में नहीं रहता। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति की जांच जारी है। मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि सरबजीत 2020-21 के किसान आंदोलन का समर्थक रहा है। उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे, लेकिन बाद में कई पोस्ट हटा दिए। सरबजीत सोमवार दोपहर करीब 2:10 बजे एक सफेद एसयूवी चलाते हुए विधानसभा के गेट नंबर-2 की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस गया था। फिर पोर्च में खड़ी स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की गाड़ी में फूलों का गुलदस्ता और माला रखकर फरार हो गया। उस समय सदन की कार्यवाही नहीं चल रही थी। घटना के समय वह अकेले ही था। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने उसे रूप नगर इलाके से दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में उस पर हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी तेज रफ्तार में कार लेकर जबरन घुसा और सुरक्षाकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। आरोपी जिस गाड़ी से आया था, उसे इसी साल फरवरी में खरीदी थी। पुलिस उन वीडियो की भी जांच कर रही है, जिनमें वह 150 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से कार चलाता दिख रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अभी तक विधानसभा में घुसने का अपना मकसद नहीं बताया है। उसके कॉल रिकॉर्ड, मूवमेंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। इससे यह पता चलेगा कि उसने सबकुछ खुद किया या किसी के कहने पर किया।
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