Sunil Gavaskar and R Ashwin on David Miller: IPL 2026 का 14वां मुकाबला सांसें रोक देने वाला रहा। गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को उनके घर में महज एक रन से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। लेकिन इस रोमांचक जीत से ज्यादा चर्चा दिल्ली के बल्लेबाज डेविड मिलर के उस एक फैसले की हो रही है, जिसने जीत की दहलीज पर खड़ी दिल्ली को हार का स्वाद चखा दिया। मैच के आखिरी ओवर में मिलर दिल्ली के लिए मैच विनर बनते दिख रहे थे, लेकिन अंतिम दो गेंदों पर उनकी एक छोटी-सी चूक ने उन्हें विलेन बना दिया।
आखिरी ओवर का वो ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा
दरअसल, मैच अपने चरम पर था और आखिरी दो गेंदों पर दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए सिर्फ 2 रनों की जरूरत थी और स्ट्राइक पर डेविड मिलर जमे हुए थे। नियम और समझदारी कह रही थी कि एक रन लेकर मैच बराबर किया जाए या अगले खिलाड़ी को मौका दिया जाए, लेकिन मिलर ने सिंगल न लेने का जोखिम भरा फैसला किया। उन्हें लगा कि वह खुद ही चौका या छक्का मारकर मैच खत्म कर देंगे। लेकिन, आखिरी गेंद पर वह सफल नहीं हुए और दिल्ली एक जीता हुआ मैच हाथ से गंवा बैठी।
सुनील गावस्कर ने किया मिलर का सपोर्ट
इस मैच के बाद महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर डेविड मिलर के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने मिलर का बचाव करते हुए कहा कि जब कोई बल्लेबाज पिछले ओवरों से लगातार बड़े शॉट खेल रहा हो, तो उसे खुद पर पूरा यकीन होता है कि वह मैच खत्म कर सकता है।
गावस्कर के अनुसार, हार के बाद समझदारी दिखाना आसान होता है, लेकिन उस वक्त मिलर को अपनी क्षमता पर भरोसा था। उन्होंने यह भी कहा कि मिलर को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि प्रसिद्ध कृष्णा की वो गेंद वाकई बहुत शानदार थी, जिसने मिलर को शॉट मारने का मौका नहीं दिया।
गावस्कर के अनुसार, हार के बाद समझदारी दिखाना आसान होता है, लेकिन उस वक्त मिलर को अपनी क्षमता पर भरोसा था। उन्होंने यह भी कहा कि मिलर को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि प्रसिद्ध कृष्णा की वो गेंद वाकई बहुत शानदार थी, जिसने मिलर को शॉट मारने का मौका नहीं दिया।
आर अश्विन ने फैसले को बताया ‘पागलपन’
वहीं दूसरी ओर, अपनी बेबाक राय के लिए मशहूर आर अश्विन ने मिलर के इस फैसले की जमकर आलोचना की है। अश्विन ने इसे ‘पागलपन’ करार देते हुए कहा कि जब जीत के लिए केवल 2 रन चाहिए हों, तो सिंगल न लेना समझ से बाहर है। अश्विन का तर्क था कि अगर मिलर एक रन ले लेते और मैच सुपर ओवर तक भी खिंच जाता, तो भी यह दिल्ली के लिए बेहतर होता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे फैसलों से न केवल टीम का आत्मविश्वास हिलता है, बल्कि आप गुजरात जैसी मजबूत टीम को टूर्नामेंट में वापसी करने का मुफ्त में मौका दे देते हैं।
क्या दिल्ली के लिए भारी पड़ेगी यह हार?
अश्विन ने यह भी कहा कि मिलर इस वक्त खुद को दोषी महसूस कर रहे होंगे। दिल्ली की टीम फिलहाल 4 अंकों पर रुकी हुई है और इस हार ने उनके आगे के सफर को थोड़ा मुश्किल बना दिया है। अगर दिल्ली यह मैच जीत जाती, तो उनकी स्थिति काफी मजबूत होती। अब देखना यह है कि दिल्ली कैपिटल्स इस झटके से उबरकर अगले मैच में कैसे वापसी करती है।
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