यूरोप क्वालिफायर प्लेऑफ में बोस्निया और हर्जेगोविना ने पेनल्टी शूटआउट में इटली को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया और चार बार की विश्व चैंपियन टीम लगातार तीसरी बार विश्व कप से बाहर हो गई।
बता दें कि मुकाबला 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में बोस्निया ने 4-1 से जीत दर्ज की। मौजूद जानकारी के अनुसार इटली को पहले हाफ में ही बड़ा झटका लगा, जब एलेस्सांद्रो बास्तोनी को रेड कार्ड दिखाया गया और टीम को दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
मैच की शुरुआत में इटली ने बढ़त बनाई थी। 15वें मिनट में मोइसे कीन ने शानदार शॉट लगाकर टीम को आगे किया। हालांकि, पहले हाफ के अंत से ठीक पहले बास्तोनी के बाहर होने के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। गौरतलब है कि इसके बाद बोस्निया ने लगातार दबाव बनाया और कॉर्नर के बाद मिले मौके पर हारिस तबाकोविच ने गोल कर स्कोर बराबर कर दिया।
पेनल्टी शूटआउट में इटली पूरी तरह दबाव में नजर आया। टीम अपने पहले और तीसरे प्रयास में गोल करने में नाकाम रही, जबकि बोस्निया के खिलाड़ियों ने अपने सभी मौके भुनाए। आखिरकार एस्मिर बजराक्तारेविच ने निर्णायक किक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
गौरतलब है कि इस जीत के साथ बोस्निया ने विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली है और अब वह ग्रुप चरण में कनाडा, स्विट्जरलैंड और कतर के साथ मुकाबला करेगी। वहीं दूसरी ओर, इटली के लिए यह एक और बड़ा झटका है। बता दें कि 2006 में आखिरी बार विश्व कप जीतने वाली इटली की टीम अब लगातार तीसरी बार इस टूर्नामेंट में जगह बनाने में असफल रही है।
मौजूदा कोच जेनारो गत्तूसो भी उस 2006 विजेता टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन इस बार उनकी टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। यह हार इटली के फुटबॉल इतिहास में एक नए संकट के रूप में देखी जा रही है, जहां टीम को अपने ढांचे और रणनीति पर फिर से काम करने की जरूरत मानी जा रही है।
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