आज यानी 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे है और इसे प्यार का दिन कहा जाता है. अगर आप भी इस दिन को खास बनाना चाहते हैं और अपने पार्टनर के साथ घर पर ही एक सुकून भरी शाम बिताने का प्लान कर रहे हैं, तो फिल्मों से बेहतर और क्या हो सकता है? बॉलीवुड और साउथ सिनेमा ने हमें ऐसी कई कालजयी प्रेम कहानियां दी हैं, जो आज भी दिल की धड़कनें तेज कर देती हैं. चाहे वो ‘राज-सिमरन’ का चुलबुला रोमांस हो या ‘राम-सीता’ का रूहानी इश्क, ये फिल्में प्यार के हर रंग को खूबसूरती से पर्दे पर उतारती हैं. इस वैलेंटाइन हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी आइकॉनिक रोमांटिक ड्रामा फिल्में, जो आपकी डेट नाइट को यादगार बना देंगी.
नई दिल्ली. प्यार का महीना और ऊपर से वैलेंटाइन डे का यह खास मौका. अगर आप भी इस दिन को अपने पार्टनर के साथ यादगार बनाना चाहते हैं, तो फिल्मों से बेहतर साथी और कोई नहीं हो सकता. बॉलीवुड ने हमें ‘वीर-जारा’ जैसी सरहदों के पार वाली अमर प्रेम कहानियां दी हैं, तो ‘बर्फी’ जैसी मासूमियत से भरी दास्तां भी, जो बिना कुछ कहे दिल जीत लेती हैं. प्यार के इन अलग-अलग रंगों को समेटे हुए ये फिल्में न सिर्फ मनोरंजन करती हैं, बल्कि हमें मोहब्बत के नए मायने भी सिखाती हैं. यहां पर देखिए 9 फिल्मों की पूरी लिस्ट.

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: राज और सिमरन की यह कहानी बॉलीवुड रोमांस की बाइबिल मानी जाती है. यूरोप की वादियों में शुरू हुआ इनका प्यार जब पंजाब के सरसों के खेतों तक पहुंचता है, तो दिल जीत लेता है. पारिवारिक परंपराओं और उस आइकॉनिक ट्रेन वाले सीन ने इस फिल्म को हर दौर के प्रेमियों की पहली पसंद बना दिया है. यह मूवी साल 1995 में आई थी. (फोटो साभार: IMDb)

वीर-जारा: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सरहदों के पार अटूट प्रेम की एक मिसाल है. एक भारतीय वायुसेना अधिकारी और एक पाकिस्तानी लड़की की इस कहानी में किस्मत उन्हें दशकों तक जुदा रखती है, लेकिन उनका इंतजार और एक-दूसरे के प्रति वफादारी रोंगटे खड़े कर देती है. साल 2004 में रिलीज हुई यह फिल्म सिखाती है कि सच्चा प्यार वक्त और दूरियों का मोहताज नहीं होता. (फोटो साभार: IMDb)
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जब वी मेट: जब जिंदगी से हारा हुआ आदित्य, चुलबुली गीत से एक ट्रेन में मिलता है, तो उसकी दुनिया ही बदल जाती है. यह फिल्म खुद से प्यार करने और इत्तेफाक से मिलने वाली खुशियों का जश्न मनाती है. शाहिद और करीना की केमिस्ट्री ने इसे हर उस कपल के लिए एवरग्रीन बना दिया है जो कुछ हल्का-फुल्का और दिल को छू लेने वाला देखना चाहते हैं. शाहिद कपूर और करीना कपूर की यह मूवी साल 2006 में आई थी. (फोटो साभार: IMDb)

रहना है तेरे दिल में: साल 2001 में मैडी और रीना की इस कहानी ने युवाओं के बीच कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया है. पहली नजर का प्यार और उसे पाने के लिए किसी भी हद तक गुजर जाने का जुनून इस फिल्म की जान है. इसके रूह को छू लेने वाले गाने और पहले प्यार की वो बेताबी आज भी उतनी ही ताजा लगती है जितनी रिलीज के वक्त थी. (फोटो साभार: IMDb)

द लंचबॉक्स: यह उन लोगों के लिए है जिन्हें शोर-शराबे वाला नहीं, बल्कि ठहराव वाला रोमांस पसंद है. गलत पते पर पहुंचे एक टिफिन के जरिए जिंदगी में एकअकेले शख्स और एक शादीशुदा महिला के बीच खतों का सिलसिला शुरू होता है. यह फिल्म बहुत ही सादगी से दिखाती है कि कैसे अजनबियों के बीच भी उम्मीद और जज्बातों का एक खूबसूरत रिश्ता बन सकता है. यह मूवी साल 2013 में रिलीज हुई थी. (फोटो साभार: IMDb)

बर्फी: गूंगे-बहरे बर्फी और ऑटिज्म से जूझ रही झिलमिल की यह कहानी रूह को छू लेने वाली है. बर्फी फिल्म खूबसूरती से समझाती है कि प्यार को शब्दों की नहीं, बल्कि सिर्फ एहसासों और छोटे-छोटे इशारों की जरूरत होती है. रणबीर कपूर का चार्ली चैप्लिन वाला अंदाज और फिल्म की मासूमियत इसे एक ऐसी फिल्म बनाती है जिसे आप बार-बार देखना चाहेंगे. यह मूवी साल 2012 में आई थी. (फोटो साभार: IMDb)

ये जवानी है दीवानी: सपनों के पीछे भागना हो या किसी एक शख्स में अपना घर ढूंढना, यह फिल्म आज के युवाओं की धड़कन है. बनी और नैना का सफर कॉलेज की मस्ती से शुरू होकर एक दोस्त की शादी में फिर से मिलने तक पहुंचता है. यह कहानी हमें सिखाती है कि अपनी आजादी और ऊंची उड़ान के बीच भी प्यार के लिए रुकना और ठहरना कितना सुकून दे सकता है. रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की यह मूवी साल 2013 में आई थी. (फोटो साभार: IMDb)

96: विजय सेतुपति और तृषा कृष्णन की 2018 में आई यह फिल्म तमिल सिनेमा की एक ऐसी मास्टरपीस है जो बिछड़े हुए पहले प्यार की याद दिला देती है. हाईस्कूल के प्रेमी राम और जानू जब 20 साल बाद एक स्कूल गेट-टुगेदर में मिलते हैं, तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. फिल्म में अनकहे जज्बात को इतनी सादगी से दिखाया गया है कि आपकी आंखें नम हुए बिना नहीं रहेंगी. (फोटो साभार: IMDb)

सीता रामम: इसे आज के दौर की सबसे खूबसूरत प्रेम कहानी कहना गलत नहीं होगा. एक अनाथ फौजी राम और उसे चिट्ठी लिखने वाली रहस्यमयी लड़की सीता की यह दास्तां किसी कविता जैसी लगती है. सरहदों के पार का यह इश्क शानदार सिनेमैटोग्राफी और रूहानी संगीत के जरिए बलिदान और अटूट वफादारी की मिसाल पेश करता है. साल 2022 में आई यह फिल्म साबित करती है कि सच्चा प्यार वक्त और सरहदों की बंदिशों से बहुत ऊपर है. (फोटो साभार: IMDb)
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