हंसी के पीछे का संघर्ष
राजपाल यादव की परेशानियां मुख्य रूप से फाइनेंशियल और कानूनी उलझनों से जुड़ी हैं. जब कोई उभरता हुआ आर्टिस्ट डायरेक्शन या प्रोडक्शन में आता है, तो कभी-कभी हिसाब-किताब गड़बड़ा सकता है. राजपाल के साथ ठीक यही हुआ, लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपनी गलतियों को माना और मुश्किलों का हिम्मत से सामना किया, उसने उन्हें ‘गिरते सितारे’ के बजाय एक ‘संघर्ष करने वाले इंसान’ के तौर पर स्थापित किया. उनकी सादगी ही वजह है कि आज जब वह मुश्किल में होते हैं, तो लोग उन पर उंगली उठाने के बजाय मदद का हाथ बढ़ाते हैं.
बॉलीवुड को अक्सर ऐसी जगह माना जाता है जहां लोग उगते सूरज को सलाम करते हैं और डूबते सूरज को छोड़ देते हैं. लेकिन राजपाल यादव के मामले में यह सोच गलत साबित हुई है. यह देखकर अच्छा लगा कि सलमान खान, जो खुद एक ‘हेल्पर’ के तौर पर जाने जाते हैं, और अजय देवगन जैसे सीरियस एक्टर राजपाल की सिचुएशन को समझते हैं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राजपाल का रिश्ता उनके स्ट्रगल के दिनों से है. नवाज का सपोर्ट दिखाता है कि सक्सेस की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी, एक पुराने दोस्त की मुश्किलें कम नहीं होतीं. सोनू सूद का सपोर्ट, जिन्हें अब देश ‘मसीहा’ कहता है, राजपाल की क्रेडिबिलिटी को वैलिड करता है. यंग स्टार्स वरुण धवन और वेटरन डायरेक्टर डेविड धवन का सपोर्ट दिखाता है कि इंडस्ट्री उनके कंट्रीब्यूशन को कितनी इंपॉर्टेंस देती है.
म्यूजिक से पॉलिटिक्स तक सपोर्ट
हैरानी की बात है और खुशी की बात है कि राजपाल का सपोर्ट सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक ही लिमिटेड नहीं था. इस लिस्ट में गुरु रंधावा जैसे सिंगर्स और तेज प्रताप यादव और राव इंद्रजीत सिंह यादव जैसे पॉलिटिशियन्स का शामिल होना दिखाता है कि राजपाल यादव ने जाति, रीजन और प्रोफेशन से ऊपर उठकर काम किया है. एक आर्टिस्ट के लिए सबसे बड़ी एसेट यह है कि जब उसकी जेब खाली हो, तब भी उसका ‘ब्लेस का बैंक’ भरा हो.
कॉमेडी की ताकत
आज के स्ट्रेस के समय में, राजपाल यादव की फिल्में थेरेपी का काम करती हैं. चाहे वह ‘भूल भुलैया’ में ‘छोटा पंडित’ हो या ‘फिर हेरा फेरी’ में ‘पप्पू’, उनकी कॉमेडी कभी भी वल्गर नहीं रही. उन्होंने अपनी आंखों और चेहरे के एक्सप्रेशन से ऐसा जादू किया जो आज के समय का सबसे महंगा VFX भी नहीं कर सकता. शायद इसलिए जनता और सेलिब्रिटी दोनों चाहते हैं कि यह कलाकार जल्द से जल्द इस मुश्किल से उबरे और एक बार फिर स्क्रीन पर अपनी जादुई मौजूदगी का एहसास कराए.
इस सपोर्ट का क्या मैसेज है?
राजपाल यादव को सपोर्ट करने वाले लोगों की यह लंबी लिस्ट बॉलीवुड की बदलती इमेज को भी दिखाती है. यह एकता एक मैसेज है कि एक कलाकार की पहचान सिर्फ उसकी हिट या फ्लॉप फिल्मों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और इरादों से होती है. उम्मीद है कि राजपाल यादव की जिंदगी का यह ‘मुश्किल चैप्टर’ जल्द ही खत्म हो जाएगा. जब इतने असरदार हाथ किसी को ऊपर उठाने के लिए एक साथ काम करते हैं, तो गिरना नामुमकिन हो जाता है. राजपाल के लिए, यह आत्मनिरीक्षण और आभार जताने का समय है. दर्शक उन्हें फिर से उसी एनर्जी के साथ देखना चाहते हैं, क्योंकि बॉलीवुड में कई ‘हीरो’ हो सकते हैं, लेकिन ‘राजपाल यादव’ सिर्फ एक है.
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