90 के दशक के हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों के पीछे जिन शब्दों का जादू था, उनमें सबसे बड़ा नाम समीर अंजान का है. बनारस में जन्में समीर ने शुरुआती संघर्षों के बाद अपनी कलम से हजारों हिट गाने लिखे और सबसे ज्यादा गीत लिखने का रिकॉर्ड बनाया. उनके रोमांटिक गीतों ने शाहरुख, सलमान और आमिर जैसे सुपरस्टार्स की रोमांटिक स्क्रीन इमेज को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई.
आमिर खान और शाहरुख खान की फोटो
24 फरवरी को जन्मदिन मनाने वाले समीर अंजान का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बनारस में जन्में समीर अंजान के लिए गीतकार बनना शुरुआत में तय नहीं था. हालांकि, लिखने की प्रतिभा उन्हें विरासत में मिली थी, क्योंकि उनके पिता अनजान भी हिंदी सिनेमा के जाने-माने गीतकार थे. दिलचस्प बात यह रही कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बेटा भी उसी संघर्ष भरे रास्ते पर चले और फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखे.
गीतकार अनजान के बेटे समीर अनजान
समीर अंजान को बचपन से था लिखने का शौक
स्कूल के दिनों से ही समीर को लिखने का शौक था. कॉलेज तक पहुंचते-पहुंचते वे कविता और शायरी लिखने लगे थे. उनकी रचनात्मकता ने उन्हें आकाशवाणी और दूरदर्शन तक पहुंचाया, जहां उन्हें लिखने के अवसर मिले. परिवार के दबाव में उन्होंने बैंक की नौकरी भी शुरू की, लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा. महज दो दिनों में नौकरी छोड़कर उन्होंने मुंबई का रुख किया और यहीं से शुरू हुआ उनका असली संघर्ष.
समीर अंजान
‘दिल’ के गानों से मिली समीर अंजान को पहचान
मुंबई पहुंचने के बाद समीर अपने लिखे गीतों को लेकर संगीतकारों और निर्माताओं के चक्कर लगाते रहे. शुरुआती दौर में उन्हें कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन संगीतकार उषा खन्ना ने उन्हें पहला मौका दिया. हालांकि, उनकी किस्मत पूरी तरह चमकी फिल्मी संगीत के नए दौर के साथ, जब वे आनंद-मिलिंद की टीम से जुड़े. इसके बाद फिल्म ‘दिल’ के गानों की सफलता ने उन्हें रातों-रात चर्चित बना दिया.
समीर अंजान ने लिखे सबसे ज्यादा गीत
समीर अंजान ने अपने करियर में हजारों गीत लिखे और हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा गाने लिखने का रिकॉर्ड भी बनाया. उनके रोमांटिक गीतों ने बड़े सितारों की छवि गढ़ने में अहम भूमिका निभाई. शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों में उनके लिखे गानों ने रोमांस को नई ऊंचाई दी. समीर के गानों ने तीनों खान को रोमांस का किंग बनाया.
उनकी लेखनी की खासियत यह रही कि वे सरल शब्दों में गहरी भावनाएं व्यक्त करते थे. यही वजह है कि उनके गीत समय की सीमाओं को पार कर आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं. समीर अंजान ने साबित किया कि फिल्मी गीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाली भावनात्मक विरासत भी होते हैं. उनके शब्दों ने हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर को आवाज दी और उन्हें गीतकारों की दुनिया में एक अमिट पहचान दिलाई.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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