बिहार सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि बिहार के सभी 9 प्रमंडल में 1-1 एएनएम प्रशिक्षण संस्थान, सभी जिलों में 1-1 जीएनएम संस्थान खोले जाएंगे। वहीं हर जिले में एक पारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इस महत्वकांक्षी योजना को वित्तीय साल 2026-27 से लागू करने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा लक्ष्य तय किया गया है कि एक साल के अंदर इन संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, जिससे कि जल्द से जल्द प्रशिक्षण कार्य शुरू हो सके।
स्टाफ की कमी
अधिकारियों के बताए अनुसार, बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग और हॉस्पिटल में नर्सिंग और पारा मेडिकल स्टाफ की कमी को मद्देनजर रखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय लेवल पर ही युवाओं को नर्सिंग और पारा मेडिकल शिक्षा मिलेगी।
इससे न सिर्फ रोजगार के मौके मिलेंगे बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ जीएनएम और एएनएम संस्थानों की स्थापना से मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी अधिक मजबूती मिल सकेगी।
बता दें कि पारा मेडिकल कॉलेज खुलने से रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और अन्य तकनीकी स्टाफ की कमी को दूर किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित जिलों में भूमि चिह्नित करने के साथ आधारभूत संरचना की रूपरेखा तैयार करने के प्रोसेस को शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार में नर्सिंग संस्थान
जीएनएम सरकारी संस्थानों की संख्या 30 है और गैर सरकारी संस्थानों की संख्या 140 है।
एएनएम संस्थान सरकारी 81 हैं और गैर सरकारी 86 हैं।
पारा संस्थान सरकारी 42 हैं और गैर सरकारी 86 हैं।
जानिए नई प्रस्तावित की योजना
जीएनएम संस्थान सरकारी – 38
पारा संस्थान सरकारी – 38
एएनएम संस्थान, सरकारी – 09
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.