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ममता ने 17 फरवरी को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आयोग को तुगलकी आयोग बताया और आरोप लगाया कि बीजेपी के निर्देश पर मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी आईटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवाए। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है।
उन्होंने कहा, “आयोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है और मतदाताओं को टारगेट कर रहा है।” ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि बंगाल में SIR से जुड़ी चिंता और कार्यस्थल के दबाव के कारण 160 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इस दावे पर चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
3 फरवरी: ममता ने कहा था- EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया
इससे पहले 3 फरवरी को ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें ममता ने कहा था कि यदि चुनाव आयोग बंगाल सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो राज्य सरकार उन्हें “100 प्रतिशत सुरक्षा” देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन को डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ममता ने आयोग पर सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है? चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है।
ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है।
ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बातें कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके पीछे कई लोग बैठे दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी SIR के पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहतीं तो लाखों लोगों को दिल्ली ला सकती थीं, लेकिन ये लोग पिछले छह-सात दिनों से यहां रुके हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं
ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें…
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ममता बोलीं-SIR की चिंता में बंगाल में रोज 4 आत्महत्याएं:110 से ज्यादा लोगों की मौत हुई; चुनाव आयोग और केंद्र सरकार जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में SIR की चिंता में हर रोज 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। 40-45 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इतने साल बाद क्या हमें यह साबित करना पड़ेगा कि हम इस देश के नागरिक हैं? पूरी खबर पढ़ें…
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