यदि आप भी 12वीं कक्षा के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आप इन दोनों का अंतर आज ही जान लें। आपको निर्णय लेने में आसान रहेगा कि आपको कौन-से कोर्स का चूज करना चाहिए।
क्या है बीई और बीटेक?
आपको बता दें कि, बीई और बीटेक कोर्स दोनों ही चार वर्ष की अवधि के लिए होते हैं और इन दोनों ही कोर्स में आठ सेमेस्टर होते हैं। बीई का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग ((B.E) और बीटेक का फुल फोर्म बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) है। वैसे यह दोनों ही कोर्स इंजीनियरिंग कोर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं।
बीई का स्वरूप
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) चार साल का स्नातक पाठ्यक्रम है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त माना जाता है जिनकी रुचि प्रैक्टिकल कार्य की अपेक्षा थ्योरी अध्ययन में अधिक होती है। बीई में विषयों की गहन और ज्ञान-आधारित पढ़ाई कराई जाती है, जहां छात्र पारंपरिक इंजीनियरिंग सिद्धांतों को विस्तार से समझते हैं। क्योंकि यह कोर्स मुख्य रूप से सैद्धांतिक ज्ञान पर केंद्रित होता है, इसलिए इसके पाठ्यक्रम में बार-बार बदलाव नहीं किए जाते।
बीटेक पर भी एक नजर
बीटेक, बीई से थोड़ा अलग होता है। बीटेक कोर्स कौशल आधारित होता है। बीटेक कोर्स उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें प्रैक्टिकल नॉलेज में ज्यादा दिलचस्पी है। यह कोर्स स्किल आधारित है। इसलिए इस कोर्स को टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री के अनुसार बार-बार अपडेट किया जाता है। इसके साथ ही इस कोर्स को इंडस्ट्रियल-ओरिएंटेड के आधार पर ही डिजाइन किया गया है, इसे पूरा करने के बाद छात्र किसी भी कंपनी में आसानी से इंटर्नशिप के लिए भी अप्लाई करते हैं।
बीई और बीटेक में अंतर
– बीई कोर्स में थ्योरी पढ़ाई जाती है, जबकि बीटेक कोर्स में थ्योरी के साथ ही प्रैक्टिकल पर जोर दिया जाता है।
– बीई कोर्स ज्ञानवर्धक बेस्ड, जबकि बीटेक कोर्स स्किल बेस्ड है।
– जैसा कि ऊपर बताया है कि, बीई में पारंपरिक इंजीनियरिंग सिद्धांतों और बीटेक कोर्स में इंडस्ट्रियल-ओरिएंटेड के आधार पर पढ़ाई कराई जाती है।
– बीई कोर्स की तुलना में बीटेक कोर्स को समय के अनुसार बार-बार अपडेट करा जाता है।
कोर्स में दाखिले के लिए जरूरी एंट्रेंस टेस्ट
यदि आप भी इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो बीई और बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को जेईई मेन परीक्षा को पास करना होगा। आपको बता दें कि, जेईई मेन परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जाती है। जो अभ्यर्थी सफल होते हैं उनको जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। आपको बता दें कि, जेईई मेन परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को जेईई मेन में ढाई लाख के अंदर रैंक प्राप्त करना जरुरी होता है। इसके बाद जो उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में सफल होंगे, वे आईआईटी, आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला ले सकते हैं।
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