इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग को लेकर तैयारियां तेज हैं, लेकिन इसी बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने टीमों के लिए कुछ नए नियम लागू कर दिए हैं, जो इस सीजन में खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के कामकाज पर असर डालने वाले हैं।
बता दें कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने टीम प्रबंधकों को भेजे गए निर्देश में साफ किया है कि अब मुकाबले के दिन किसी भी टीम को अभ्यास सत्र की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला मैच के दिन अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अभ्यास के लिए हर टीम को अभ्यास क्षेत्र में दो नेट और मुख्य पिच पर एक साइड विकेट दिया जाएगा, जहां खिलाड़ी बड़े शॉट्स की तैयारी कर सकेंगे। वहीं वानखेड़े स्टेडियम जैसे मैदानों पर अगर दोनों टीमें एक साथ अभ्यास करती हैं, तो दोनों को बराबर-बराबर विकेट दिए जाएंगे।
नए नियमों के तहत खुले नेट अभ्यास पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, अगर कोई टीम अपना अभ्यास समय से पहले खत्म कर देती है, तो दूसरी टीम उसके हिस्से के विकेट का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी। अभ्यास के दिनों में खिलाड़ियों को टीम बस से ही स्टेडियम आना होगा, हालांकि टीमों को दो हिस्सों में बांटकर लाने की छूट दी गई है।
गौरतलब है कि खिलाड़ियों को अपने परिवार या दोस्तों के साथ एक ही वाहन में आने की अनुमति नहीं होगी। परिवार और मित्र अलग से आ सकते हैं और उन्हें दर्शक क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था दी जाएगी।
मैच के दिन के नियमों में भी कई सख्त बदलाव किए गए हैं। खिलाड़ियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अभ्यास के दौरान गेंद को एलईडी बोर्ड की ओर नहीं मारना है, भले ही इसके लिए अलग से व्यवस्था क्यों न हो। इसके अलावा खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ को एलईडी बोर्ड के सामने बैठने की अनुमति नहीं होगी।
खिलाड़ियों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे मैदान पर विशेष रंग की टोपी पहनें, ताकि प्रसारण के दौरान उनकी पहचान साफ दिखाई दे सके। अगर कोई खिलाड़ी ऐसा नहीं करता है, तो उसे कम से कम शुरुआती ओवरों में यह नियम मानना होगा।
इसके साथ ही मैच के बाद होने वाले प्रस्तुतिकरण समारोह में बिना आस्तीन की जर्सी और चप्पल पहनने पर भी रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार चेतावनी दी जाएगी, जबकि दूसरी बार आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
इस तरह के सख्त नियमों का मकसद लीग के संचालन को और व्यवस्थित बनाना और प्रसारण गुणवत्ता को बेहतर करना माना जा रहा है।
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