अच्छी बात ये है कि ज्यादातर मामलों में आप खुद ही पंक्चर टायर को ठीक कर सकते हैं, खासकर ट्यूबलेस टायर में पंचर सही करना ज्यादा आसान है. इसके दो मुख्य तरीके हैं- स्पेयर टायर (स्टेपनी) लगाना या पंक्चर रिपेयर किट से इसे ठीक करना. इन तरीकों से आप समय और पैसे दोनों बचा सकते हैं, बशर्ते सही सावधानियां बरतें. आइए, पंचर सही करने की स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस जानते हैं.
कैसे ठीक करें पंचर
कार का पंक्चर टायर ठीक करने के लिए सबसे पहले सुरक्षा सुनिश्चित करें. कार को ट्रैफिक से दूर सुरक्षित जगह पर पार्क करें, हैंडब्रेक लगाएं और हेजर्ड लाइट्स ऑन करें. अगर रात हो तो ट्रायंगल बोर्ड भी लगाएं. स्पेयर टायर बदलने के लिए पहले कार के बूट से स्पेयर टायर और टूल्स निकालें. कार मैनुअल से जैक पॉइंट्स पता करें.
टायर जमीन पर रहते हुए लग नट्स को थोड़ा ढीला करें. फिर जैक से कार उठाएं, ताकि पंक्चर टायर जमीन से ऊपर हो. नट्स पूरी तरह निकालकर पुराना टायर हटाएं और स्पेयर टायर फिट करें. नट्स को क्रॉस पैटर्न में हाथ से लगाकर फिर रेंच से कसें. कार नीचे उतारें और नट्स दोबारा अच्छे से टाइट करें. थोड़ी दूरी चलाकर टेस्ट करें और बाद में सर्विस सेंटर जाकर पंक्चर ठीक करवाएं.
अगर पंक्चर छोटा है, तो ट्यूबलेस टायर रिपेयर किट से टेंपरेरी रिपेयर संभव है. टायर घुमाकर पंक्चर का पता लगाएं, साबुन पानी से बुलबुले देखें. कील या स्क्रू निकालें. रास्प टूल से छेद साफ करें, रबर स्ट्रिप को गोंद में डुबोकर इंसर्ट टूल से छेद में डालें. स्ट्रिप काटकर हवा भरें और टेस्ट करें. ये सिर्फ अस्थायी समाधान है, जल्दी प्रोफेशनल पैचिंग करवाएं, नहीं तो पंचर फिर से खुल जाएगा.
अगर पंक्चर साइडवॉल में या बड़ा हो तो रिपेयर किट न यूज करें, टायर बदलें या टोइंग करवाएं. ट्यूब वाले टायर में ट्यूब बदलनी पड़ती है. इसके अलावा, हर 6 महीने टायर रोटेशन और बैलेंसिंग करवाएं. पंक्चर प्रूफ सीलेंट पहले से डाल सकते हैं. खुद ठीक करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, लेकिन अनुभव न हो तो प्रोफेशनल की मदद लें. सावधानी से काम करें जिससे आपकी यात्रा सुरक्षित रहे.
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