असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के शूटिंग वीडियो को लेकर AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अजमल ने अदालत से आग्रह किया कि सरमा को चुनाव लड़ने से रोका जाए। वह एक दिन भी अपनी कुर्सी पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। बदरुद्दीन अजमल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि पिछले छह महीनों से एक समुदाय के खिलाफ लगातार नफरत भरे भाषण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले दिखाया गया कि हिमंत बिस्व सरमा मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों की ओर बंदूक तान रहे हैं। दरअसल, विवाद 7 फरवरी को शेयर किए गए एक वीडियो को लेकर है। जिसमें मुख्यमंत्री दो मुस्लिम लोगों की ओर राइफल ताने हुए दिखाई दे रहे थे। एक दिन बाद हटा लिया गया। कांग्रेस की शिकायत- वीडियो भड़काऊ और सांप्रदायिक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने मंगलवार को दिसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि असम बीजेपी के आधिकारिक X हैंडल से शेयर किया गया वीडियो भड़काऊ और सांप्रदायिक है। कांग्रेस का दावा है कि वीडियो पर लिखे कुछ लाइन भी लिख थे। जैसे ‘विदेशियों से मुक्त असम, कोई रहम नहीं’, ‘तुम पाकिस्तान क्यों नहीं चले गए?’ शिकायत में कहा गया कि ऐसे शब्द राज्य के बंगाली मूल के मुसलमानों को निशाना बनाते हैं, जिन्हें अक्सर ‘मिया’ या ‘बांग्लादेशी’ कहकर संबोधित किया जाता है। कांग्रेस नेताओं सिबामोनी बोरा और दिगंता बाउमन ने पुलिस से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। हिमंता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका CPI(M) नेताओं ने भी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मुख्यमंत्री के भेदभावपूर्ण बयान और वीडियो के खिलाफ निर्देश देने की मांग की। सीनियर वकील निजाम पाशा ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘समस्या यह है कि चुनाव आते ही उसका एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। हम डेट देंगे। ओवैसी ने भी दर्ज कराई शिकायत AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी हैदराबाद सिटी पुलिस में शिकायत दी है। उन्होंने वीडियो को जनसंहारक नफरत भरा भाषण बताया और आपराधिक कार्रवाई की मांग की। शिकायत के मुताबिक, यह वीडियो 7 फरवरी को असम बीजेपी के आधिकारिक X अकाउंट से अपलोड किया गया था। एक दिन बाद हटा लिया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित होता रहा। ओवैसी ने कहा कि नफरत फैलाने वाले मामलों में कानून-व्यवस्था एजेंसियां स्वत: संज्ञान लेने के लिए बाध्य हैं। CM का जवाब- गिरफ्तार करें, मुझे आपत्ति नहीं हिमंका बिस्व सरमा ने आरोपों का जवाब देते हुए सोमवार को कहा था कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने मेरे खिलाफ केस किया है तो मुझे गिरफ्तार कर लीजिए। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं जेल जाने को तैयार हूं। लेकिन मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हूं और आगे भी रहूंगा। ——— ये खबर भी पढ़ें… असम में फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश, 2.43 लाख नाम हटे:राज्य में अब 2.49 करोड़ वोटर; बंगाल में फाइनल लिस्ट की तारीख 14 दिन बढ़ी चुनाव आयोग (EC) ने मंगलवार को असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.