Sarvam शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब होता है ‘सबके लिए’. कंपनी चाहती है कि उसका AI सिस्टम भारत के लोगों की सोच, भाषा और काम करने के तरीके को समझे. यानी ऐसा AI जो भारतीय भाषाओं और जरूरतों के मुताबिक काम करे, लेकिन तकनीक के मामले में दुनिया के बड़े प्लेटफॉर्म्स की टक्कर का हो.
नई ब्रांडिंग का डिजाइन ‘Gateway’ यानी एक दरवाजे की सोच पर आधारित है. इसका मतलब है इंसान और मशीन, और संस्कृति और तकनीक का मेल. लोगो में मंडला से प्रेरित डिजाइन है, जो कमल के फूल जैसा दिखता है.
नीले से नारंगी रंग का ग्रेडिएंट आगे बढ़ने और प्रगति को दिखाता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई लोगों ने इस डिजाइन की तारीफ की और इसे साफ, मॉडर्न और भारतीय पहचान वाला बताया.
हालांकि, कई यूजर्स ने यह भी पूछा कि Sarvam आम लोगों के लिए ऐप कब लाएगा. फिलहाल कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपर्स, बिजनेस और संस्थानों के लिए API और प्लेटफॉर्म के रूप में उपलब्ध हैं. अभी कोई कंज्यूमर ऐप लॉन्च नहीं हुआ है.
आए दो बड़े टूल
हाल ही में Sarvam AI ने दो बड़े टूल लॉन्च किए हैं- Sarvam Vision और Bulbul V3.
Sarvam Vision- ये एक OCR और डॉक्यूमेंट रीडिंग टूल है, जो फोटो, स्कैन और हाथ से लिखे नोट्स से टेक्स्ट निकाल सकता है. यह 22 भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिनमें हिंदी, तमिल, बंगाली और मराठी जैसी भाषाएं शामिल हैं. कंपनी का दावा है कि कुछ टेस्ट में इसका परफॉर्मेंस Gemini और ChatGPT से बेहतर रहा.
Bulbul V3- ये एक टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल है, जो लिखे हुए शब्दों को प्राकृतिक आवाज में बदलता है. यह 11 भारतीय भाषाओं में 35 से ज्यादा आवाजें देता है. खास बात यह है कि यह हिंदी-इंग्लिश मिक्स भाषा और अलग-अलग लहजों को भी आसानी से संभाल सकता है.
आखिर में ये कहना गलत नहीं होगा कि Sarvam AI भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए ऐसा AI बना रहा है, जो देश के हर कोने में आसानी से काम कर सके.
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