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- Anil Ambani Reaches CBI Headquarters For Second Day Of Questioning In Rs 2929 Cr Alleged SBI Bank Fraud Case
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रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड यानी RCOM से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी शुक्रवार (20 मार्च) को दूसरे दिन की पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे हैं। इससे पहले गुरुवार को भी जांच अधिकारी ने उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूरी कार्रवाई SBI की शिकायत पर दर्ज की गई FIR के आधार पर की जा रही है।
CBI ने यह आपराधिक मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया है। इस मामले की शुरुआत 18 अगस्त 2025 को SBI की एक शिकायत से हुई थी। SBI बैंकों के उस समूह यानी कंसोर्टियम का नेतृत्व कर रहा है, जिसने कंपनी को कर्ज दिया था। इस समूह में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, केनरा बैंक और आईडीबीआई जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ खुलासा, फंड को दूसरी जगह डाइवर्ट किया गया
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले का आधार एक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साल 2013 से 2017 के बीच लोन राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।
ऑडिट में सामने आया कि लोन के पैसों को ग्रुप की ही दूसरी संस्थाओं में घुमाया गया। इस हेरफेर की वजह से अकेले SBI को 2,929.05 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं SBI समेत 17 पब्लिक सेक्टर बैंकों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपए है।
PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अलग शिकायतें दर्ज कराई
अनिल अंबानी की मुश्किलें केवल एक केस तक सीमित नहीं हैं। CBI को SBI के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे बैंकों से भी अलग-अलग शिकायतें मिली हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा केस: 25 फरवरी को एक और केस दर्ज किया गया, जिसमें ई-देना बैंक और ई-विजया बैंक का बकाया शामिल है।
PNB केस: 5 मार्च को दर्ज एक अन्य मामले में अनिल अंबानी के साथ निदेशक मंजरी अशोक काकर का भी नाम है। इसमें ई-यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पैसा फंसा हुआ है।
मुंबई ऑफिस और घर पर छापेमारी में मिले थे अहम दस्तावेज
CBI ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगस्त 2025 में ही एक्शन शुरू कर दिया था। विशेष न्यायाधीश (CBI) से वारंट लेकर मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो दफ्तरों और अनिल अंबानी के आवासीय परिसर की तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि उस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिनके आधार पर अब पूछताछ का दौर चल रहा है।
क्या है RCOM का पूरा विवाद?
रिलायंस कम्युनिकेशंस कभी टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी थी, लेकिन भारी कर्ज और बिजनेस में घाटे के चलते यह दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई। बैंकों का आरोप है कि कंपनी ने कर्ज चुकाने के बजाय फंड्स को गलत तरीके से मैनेज किया। फिलहाल CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरी प्रक्रिया में बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत थी।
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