घर घुसकर आरोपियों ने महिला का गला घोंटा था। पैसे और ज्वेलरी लेकर भाग गए थे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साल 2021 में हुई हत्या का आरोपी अहमदाबाद में पकड़ा गया है। टिकरापारा की रहने वाली महिला ने पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार को 4 लाख दिए थे, लेकिन अजय ने उसी महिला को मारकर घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना चुरा
21 मार्च 2026 को गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है। सूचना पर रायपुर पुलिस अहमदाबाद रवाना हुई है।
महिला की हत्या होने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी जांच करते हुए।
शकुंतला देवी हत्याकांड की पूरी कहानी जानिए
दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2021 का है। रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान में शकुंतला देवी (पति स्व. अमर यादव) का शव संदिग्ध हालत में मिला था।
जांच में पता चला कि शकुंतला का अपने बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित यादव ने अजय कुमार मिश्रा से मदद मांगी थी।
सेटलमेंट के लिए 4 लाख दिए
आरोपी अजय और शकुंतला का बेटा अमित पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम करते थे। बड़े भाई से संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए अमित ने आरोपी अजय को सेटलमेंट के लिए 4 लाख कैश दिए और 10 हजार एडवांस दिए गए थे।
लेकिन आरोपी पैसे लेकर भाग निकला, जिसके बाद शकुंतला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदला लेने और लूट के इरादे से आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला के घर पर ही रुका। मौका मिलते ही दोनों ने महिला का गला घोंट दिया।

मृतिका का शव रस्सी से बांधकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।
10 लाख कैश और 35 तोला सोना
अहमदाबाद पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि, हत्या के बाद उसने घर से 10 लाख रुपए कैश और करीब 30-35 तोला सोना लूटा था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया।
अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और फिर मुंबई में छिपा रहा।

महिला की हत्या करने के बाद घटनास्थल पर पुलिस टीम निगरानी करते हुए।
3 साल तक दबी रही फाइल, कई थानेदार बदले
रायपुर के टिकरापारा थाने में हत्या का मामला दर्ज था। पुलिस इस ब्लाइंड केस की छानबीन कर रही थी। इस दौरान थाने के कई टीआई (TI) बदल गए, लेकिन पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच सकी।
डायरी में केवल एक संदेही का जिक्र था। अब गुजरात पुलिस ने सूचना ही है कि आरोपी पकड़ा गया है। इस इनपुट के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोली है।

टिकरापारा थाना से पुलिस टीम रवाना हुई है।
रायपुर पुलिस की टीम अहमदाबाद रवाना
अहमदाबाद पुलिस की इस गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस एक्टिव हो गई है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा के मुताबिक, एक विशेष टीम को अहमदाबाद भेजा गया है।
वहां आरोपी से पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा, जिससे हत्या और लूट के इस पूरे मामले का खुलासा होगा।

अब पढ़ें पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा
रायपुर कमिश्नरेट के एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने टिकरापारा हत्याकांड के संदेही को पकड़ने की सूचना भेजी थी। सूचना पर टीम रवाना किया गया है। मामले में अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। टीम पहुंने के बाद विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
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तीसरी मंजिल के इसी गलियारे से लाश को लिफ्ट के माध्यम से नीचे उतारा गया था।
रायपुर सूटकेस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना में पुलिस को कई अहम सबूत और गवाह मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों तक पहुंच गई। पढ़ें पूरी खबर…
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