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बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली की ओर से 2019 में दर्ज रेप FIR को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह FIR मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 376 सहित अन्य धाराओं में दर्ज की गई थी।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य पंचोली की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत पाटिल ने कोर्ट में FIR को खारिज करने की मांग दोहराई। मामले में एक महिला बॉलीवुड अभिनेत्री ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पंचोली को आरोपी बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट को बताया कि पुलिस की ओर से 11 नोटिस भेजे जाने के बावजूद शिकायतकर्ता जांच में पेश नहीं हुईं। इसके बाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को शिकायतकर्ता को नया नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई यानी 24 फरवरी 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है।

15 साल बाद दर्ज हुई शिकायत: पंचोली
27 जून 2019 को दर्ज इस FIR को लेकर विवाद बना हुआ है। पंचोली की ओर से दावा किया गया है कि कथित घटना के करीब 15 साल बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जो दुर्भावनापूर्ण है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के भजनलाल फैसले का हवाला देते हुए FIR रद्द करने की मांग की गई है।
वकील प्रशांत पाटिल ने यह भी बताया कि कथित घटना से पहले एक व्यक्ति ने आदित्य पंचोली से मुलाकात की थी, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है। यह रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश की गई है, जिसमें शिकायत दर्ज कराने के पीछे गलत मंशा होने की बात कही गई है।

इन धाराओं में दर्ज है केस
2019 में दर्ज FIR में आदित्य पंचोली पर IPC की धारा 376 (रेप), 328 (जहर देकर नुकसान पहुंचाना), 384 (जबरन वसूली), 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गैरकानूनी बंधक बनाना), 323 (मारपीट) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे।
FIR दर्ज होने के बाद पंचोली ने खुद को झूठा फंसाया गया बताया था। फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।
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