मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।
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