अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी। ईरान का न्यूक्लियर और होर्मुज पर समझौते से इनकार ईरान ने अमेरिका के साथ समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उसने कहा है कि न्यूक्लियर कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह संदेश पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने इन दोनों मुद्दों को अपनी ‘रेड लाइन’ बताया है और कहा है कि इन पर किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। साथ ही, यह भी साफ किया कि यह कोई औपचारिक बातचीत नहीं है, बल्कि अपनी स्थिति साफ करने की एक कूटनीतिक पहल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस पूरे मामले में तय सीमाओं के भीतर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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