- Hindi News
- Career
- Education Ministry Approves 5 Classical Languages | Higher Education News
- कॉपी लिंक
शिक्षा मंत्रालय 3 अक्टूबर को शास्त्रीय भाषाओं यानी क्लासकिल लैंग्वेज के लिए पांच हायर एजुकेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के मुताबिक, ये सेंटर क्लासिकल असमिया, क्लासिकल बंगाली, क्लासिकल मराठी, क्लासिकल पाली और क्लासिकल प्राकृत के अध्ययन के लिए बनाए जाएंगे।
इन पांच जगहों पर बनेंगे क्लासकिल लैंग्वेज सेंटर

ये सेंटर संबंधित क्लासिकल भाषाओं से जुड़ी भाषाई, साहित्यिक और ज्ञान परंपराओं तक पहुंच और उनके प्रसार को आसान बनाएंगे. असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात राज्यों में स्थित ये सेंटर क्लासिकल भाषाओं में हायर एजुकेशन, रिसर्च और स्कॉलरशिप के लिए रीजनल इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे।
रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, डिजिटली पढ़ सकेंगे
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन 5 सेंटर में क्लासिकल लैंग्वेज से हाईलेवल एकेडमिक रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। ये सेंटर प्राचीन साहित्य और पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर काम करेंगे। इन सेंटर से भाषाओं की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही विश्वविद्यालयों में इन भाषाओं से जुड़े शोध और विशेषज्ञता का विकास
लैंग्वेज सेंटर में डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा
ये सेंटर अपनी क्लासिकल लैंग्वेज में एडवांस्ड रिसर्च, स्कॉलर वर्क और एकेडमिक एक्टीविटी के लिए खास इंस्टीट्यूशनल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
ये सेंटर क्लासिकल भाषाओं और साहित्यिक संसाधनों के डॉक्यूमेंटेशन, संरक्षण और डिजिटाइजेशन में मदद करेंगे, जिससे भारत की समृद्ध लिखित विरासत को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का काम हो सकेगा।
क्लासिकल भाषाओं के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
शिक्षा मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य क्लासिकल भाषाओं का संरक्षण करना है। इन सेंटर्स के जरिए इन भाषाओं पर रिसर्च की जाएगी। सरकार की इस पहल से भारत की क्लासिकल भाषाओं के अध्ययन, शोध और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही इससे क्लासकिल भाषाओं से जुड़ी ज्ञान परंपराओं और साहित्य तक आम लोगों व शोधकर्ताओं की पहुंच आसान हो सकेगी।
शास्त्रीय भाषा, 11 भाषाओं को मान्यता
शास्त्रीय भाषा उन प्राचीन भाषाओं को कहा जाता है जिनकी अपनी स्वतंत्र साहित्यिक परंपरा हो और जिनका इतिहास अत्यंत समृद्ध, मौलिक और लगभग 1500 से 2000 वर्ष पुराना हो।

भारत में वर्तमान में कुल 11 शास्त्रीय भाषाएं तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया, मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय यानी क्लासिकल भाषा की मान्यता प्राप्त है।
सबसे पहले तमिल भाषा को 2004 में शामिल किया गया था। वहीं 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शामिल किया गया है।
————————
ये खबर भी पढ़ें..
बिना एक भी क्लास लगे मिड टर्म एग्जाम हुए:SIR ड्यूटी में लगे सारे टीचर, स्टूडेंट्स ने कहा यूट्यूब से पढ़ने को मजबूर

कर्नाटक के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के स्टूडेंट्स को बिना किसी टाइम टेबल के SA-1 यानी मिड-टर्म परीक्षा देनी पड़ी, पूरी खबर पढ़ें..
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
