PRAGATI के दस साल पूरे होने पर हुई इस ऐतिहासिक बैठक में प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे टेक्नोलॉजी के जरिए शासन को तेज, जवाबदेह और असरदार बनाया गया है. उनका जोर सिर्फ योजनाएं बनाने पर नहीं, बल्कि समय पर फैसले, बेहतर तालमेल और तय जवाबदेही पर रहा ताकि आम आदमी को इसका सीधा फायदा मिल सके.
क्या है PRAGATI और क्यों है यह खास?
PRAGATI का पूरा नाम है Pro-Active Governance and Timely Implementation. यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और अलग-अलग मंत्रालय एक साथ बैठकर अटकी परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं. पीएम मोदी ने इसे भारत की गवर्नेंस संस्कृति में गहरे बदलाव का प्रतीक बताया. उनका कहना है कि जब फैसले समय पर होते हैं और जिम्मेदारी तय होती है, तो शासन की रफ्तार खुद-ब-खुद बढ़ जाती है.
कैसे बदली फाइल कल्चर की रफ्तार?
PRAGATI की सबसे बड़ी खासियत है सीधे शीर्ष स्तर पर निगरानी. प्रधानमंत्री खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं. इससे न सिर्फ देरी कम होती है, बल्कि अफसरों और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनता है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2014 से अब तक 377 परियोजनाओं की समीक्षा हुई है और करीब 94% मुद्दों का समाधान किया जा चुका है. इससे लागत बढ़ने, देरी और तालमेल की कमी जैसी समस्याएं काफी हद तक कम हुई हैं.
50वीं बैठक में किन बड़े प्रोजेक्ट्स की हुई समीक्षा?
इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों की पांच बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की. इनमें सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल थे, जिनकी कुल लागत 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है. इन परियोजनाओं का असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है. चाहे बेहतर सड़कें हों, तेज रेल कनेक्टिविटी या फिर बिजली-पानी की उपलब्धता.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
PM SHRI स्कूलों पर खास जोर क्यों?
बैठक में प्रधानमंत्री ने PM SHRI स्कूल योजना को लेकर भी अहम निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ इमारतें बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. इसे भविष्य के लिए तैयार शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए. पीएम मोदी ने मुख्य सचिवों से कहा कि वे खुद स्कूलों का दौरा करें, जमीनी हालात देखें और यह सुनिश्चित करें कि पढ़ाई का स्तर और नतीजे बेहतर हों. यानी अब फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा आउटकम पर होगा.
SWAGAT से PRAGATI तक: सफर कैसे शुरू हुआ?
अटकी परियोजनाएं कैसे मिलीं नई रफ्तार?
आगे का रोडमैप: Reform, Perform, Transform
प्रधानमंत्री ने PRAGATI के अगले चरण के लिए अपना मंत्र दोहराया Reform, Perform, Transform. मतलब प्रक्रियाएं आसान हों, काम समय और लागत में पूरा हो और उसका असर सीधे नागरिकों तक पहुंचे. पीएम मोदी ने कहा कि PRAGATI@50 सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि यह वादा है कि टेक्नोलॉजी के जरिए शासन को और बेहतर बनाया जाएगा.
आम आदमी को क्या होगा फायदा?
तेज फैसले, समय पर पूरी होने वाली परियोजनाएं, बेहतर स्कूल, सड़क, रेल और बिजली PRAGATI का सीधा असर आम नागरिक की जिंदगी पर पड़ता है. सरकारी कामकाज में देरी कम होगी, योजनाओं का लाभ जल्दी मिलेगा और जवाबदेही तय होगी यही PRAGATI की असली ताकत है.
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