आर्थिक की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा है कि देश में महंगाई कम और नियंत्रण में बनी हुई है, ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक कुछ समय तक ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में दरों में बदलाव न होना हैरान करने वाली बात नहीं होगी. सरकार का मानना है कि महंगाई और ब्याज दरों के बीच संतुलन बना हुआ है, जिससे आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिल रहा है.
आर्थिक मामलों की सचिव ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आरबीआई ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की है, जिसके बाद यह 5.25 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है. यह स्तर पिछले कई वर्षों में सबसे निचले स्तरों में से एक है और इससे अर्थव्यवस्था को जरूरी समर्थन मिल रहा है.
महंगाई पर सरकार का नजरिया
उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई दर लगातार रिजर्व बैंक के तय दायरे के भीतर बनी हुई है और हालिया महीनों में इसमें और नरमी देखने को मिली है. कम और स्थिर महंगाई का सीधा फायदा यह है कि मौद्रिक नीति को ज्यादा आक्रामक होने की जरूरत नहीं पड़ती.
मौद्रिक नीति में संतुलन की रणनीति
अनुराधा ठाकुर के मुताबिक, आरबीआई का फोकस इस समय विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने पर है. शुरुआती चरण में ब्याज दरों में कटौती के बाद अब बाजार को समय देना जरूरी है ताकि उन फैसलों का पूरा असर अर्थव्यवस्था में दिख सके. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फिलहाल और बड़ी दर कटौती की गुंजाइश सीमित है और मौजूदा हालात में दरों को यथावत रखना ज्यादा व्यावहारिक विकल्प है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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