Maruti Car Price Increase : देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति ने कहा है कि कमोडिटीज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और लागत ज्यादा पहुंची तो इसका बोझ ग्राहकों पर भी डालना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि कमोडिटी के मोर्चे पर कीमतें बढ़ रही हैं. कीमती धातुओं में वृद्धि काफी ज्यादा है. भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए हम इस पर नजर बनाए हुए हैं. आने वाले समय में कीमतों की समीक्षा जरूर करेंगे. अगर जरूरी हुआ तो वाहनों कीमतें बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा. बनर्जी ने कहा कि हमारा प्रयास हमेशा ग्राहकों पर लागत बढ़ोतरी का बोझ कम से कम रखने का रहा है. हमारी आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन दल इस बात पर गौर कर रहे हैं कि जिंस की वजह से बढ़ी लागत को हम कितनी हद तक खुद वहन कर सकते हैं.
ग्राहकों पर डालना पड़ेगा बोझ
कंपनी के अधिकारी ने बताया कि एक सीमा के बाद अगर हम लागत बढ़ोतरी को समायोजित नहीं कर पाए, तो हमें इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ेगा. संभावित कीमत बढ़ोतरी के लिए कोई समय-सीमा बताए बिना बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने जनवरी में उन ग्राहकों के लिए ‘प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम’ (कीमत सुरक्षाा योजना) शुरू की है, जिनकी बुकिंग के बावजूद आपूर्ति नहीं हो पाई. इसका मतलब है कि जो लोग पहले ही बुकिंग करा चुके हैं, उन्हें पुरानी कीमत पर ही गाड़ी दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
सितंबर में कम हुई थी कीमत
सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने एस-प्रेसो की कीमत में 1,29,600 रुपये तक, ऑल्टो के.10 में 1,07,600 रुपये तक, सेलेरियो में 94,100 रुपये और वैगन-आर में 79,600 रुपये तक की कटौती की थी. कमोडिटी महंगे होने के बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि मोटर वाहन उद्योग फिर से 6-7 फीसदी सालाना की दर से आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधारों से मोटर वाहन उद्योग को जो बढ़ावा मिला है और केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा भी मोटर वाहन उद्योग के लिए मददगार साबित होगी.
जनवरी में हुई रिकॉर्ड बिक्री
बनर्जी ने बताया कि जनवरी में अब तक की रिकॉर्ड बिक्री हुई है और पूरे महीने में कुल 2,36,963 वाहनों की बुकिंग आई है. उन्होंने कहा कि हमें 2.78 लाख से अधिक बुकिंग मिली जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की वृद्धि है. हमें रोजाना करीब 9,000 से 10,000 बुकिंग मिल रही है. जनवरी में कंपनी का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 51,020 यूनिट रहा. बनर्जी ने कहा कि कंपनी की नई एसयूवी ‘विक्टोरिस’ ने पांच महीने में 50,000 यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. उत्पादन संबंधी बाधाओं पर उन्होंने कहा कि नई क्षमताएं उपलब्ध होने तक कंपनी को कुछ और महीनों तक इससे निपटना होगा. हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया का दूसरा संयंत्र अप्रैल 2026 तक शुरू हो जाएगा और गुजरात स्थित मौजूदा संयंत्र में चौथी उत्पादन ‘लाइन’ शुरू होने के बाद सालाना उत्पादन 5 लाख तक पहुंच जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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