जनवरी की सर्द हवाओं के बीच परवल की खेती करना किसानों के लिए चुनौती भरा काम माना जाता है, लेकिन सीतामढ़ी के प्रगतिशील किसान सुरेश महतो बताते हैं कि सही तकनीक अपनाई जाए तो सर्दी नुकसान नहीं, बल्कि फायदेमंद साबित होती है। वे कहते हैं कि सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना जरूरी है। इसके बाद प्रति एकड़ 80–100 क्विंटल अच्छी तरह सड़ी गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालकर जमीन की उर्वरता बढ़ा दी जाए। जनवरी के पहले पखवाड़े में क्यारियां ऊंची बनाई जानी चाहिए ताकि नमी संतुलित रहे और पौधे ठंडे पानी के सीधे संपर्क में न आएं। परवल की खेती बीज से नहीं, बेल के स्वस्थ टुकड़ों से करना ज्यादा उचित माना जाता है, इससे पौधे जल्दी तैयार होते हैं और मौसम का दबाव कम पड़ता है।
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