New Guidelines of Blood Pressure: दुनिया भर में 1.3 अरब लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है. हाई बीपी के कारण हार्ट को गंभीर खतरा होता है. इसलिए इससे किसी तरह की अनहोनी न हो इसके लिए अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने नई गाइडलाइंस जारी की है.
ब्लड प्रेशर कब खतरनाक
सबसे पहले यह जान लीजिए कि किस माप को हाई ब्लड प्रेशर कहा गया है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक अगर उपर वाला माप 120 और नीचे वाला 80 है तो यह सामान्य बीपी है. अगर उपर वाला 120 से 129 के बीच है तो यह बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर है. इसके बाद 130 से 139 उपर वाला और नीचे वाला 80 से 89 के बीच है तो यह हाई ब्लड प्रेशर है और इसे स्टेज 1 हाइपरटेंशन कहा जाता है. अगर किसी का बीपी 140 और 90 से ज्यादा है तो वह बहुत हाई डिग्री वाला बीपी है. इसे स्टेज 2 हाइपरटेंशन कहा जाता है.
नई गाइडलाइंस में क्या है
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने अगस्त में जारी किए गए नए दिशानिर्देशों में बताया है कि हाई बीपी के मरीजों को पहले से ही उपचार शुरू कर देनी चाहिए. इसमें सिर्फ दवा ही नहीं बल्कि ज़रूरत के अनुसार जीवनशैली में बदलाव करना अनिवार्य है. नए दिशानिर्देशों में यह भी ज़ोर दिया गया है कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही पौष्टिक आहार लेना, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और सही वजन बनाए रखना जरूरी है. 2017 के बाद से इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है जोखिम को समय पर भापना. यानी अगर बीपी नहीं भी है तो भी इस बात का पता लगाएं कि आने वाले समय में बीपी का जोखिम तो नहीं है. इससे दिल की बीमारियों का अनुमान लगाया जाता है. इसमें दिल, किडनी और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को जोड़कर बीमारी का खतरा बताया जाता है. नए दिशानिर्देश में यह भी माना गया है कि हाई ब्लड प्रेशर से डिमेंशिया और याददाश्त की कमजोरी का खतरा बढ़ता है. इसमें शुरुआती जांच के लिए कुछ नए लैब टेस्ट शामिल करने की भी सलाह दी गई है, जिनमें किडनी की सेहत की जांच भी शामिल है. इसके अलावा अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का मानना है कि नई तरह की दवाएं जैसे GLP-1 मेडिकेशन ज़्यादा वजन या मोटापे से ग्रस्त उच्च रक्तचाप वाले मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं.
बीपी कम करने के लिए क्या करें
एक्सपर्ट के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर कम करने का सबसे सरल तरीका है कि अपने पूर्वजों की तरह जीवनशैली अपना लें. यानी सुबह उठें, वॉक करें, घर का कामकाज करें, फिर हेल्दी नाश्ता यानी घर का बना हुआ नाश्ता करें जिसमें साबुत अनाज से बनी चीजें, हरी सब्जी, ताजे फल आदि का समावेश हो सके. इसके बाद जो भी काम करना है करें लेकिन दोपहर में शुद्ध खाना खाएं. भोजन में चावल, रोटी, दाल, हरी सब्जी आदि को शामिल करें. इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, मेवा आदि भी डाइट में शामिल करें. दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं. तनाव न लें. खुश रहने की कोशिश करें. नियमित आधे से एक घंटा एक्सरसाइज करें. हमेशा शरीर में मूवमेंट रखें और रात को जल्दी सो जाएं. नींद में कमी नहीं आनी चाहिए. इस लाइफस्टाइल से न सिर्फ ब्लड प्रेशर बल्कि कई अन्य बीमारियों का खतरा टलेगा.
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