Sansad Satra: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होने वाला है और इसके हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं. विपक्ष ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. विपक्ष का साफ कहना है कि यदि SIR और चुनावी सुधारों पर बहस नहीं हुई तो वे सदन नहीं चलने देंगे. सरकार ने सहयोग की अपील की है.
सरकार की तरफ से राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर चर्चा का प्रस्ताव रखा गया. विपक्ष ने इस पर सहमति तो दी, लेकिन साथ ही अपनी शर्त भी रख दी. विपक्ष का कहना है कि सरकार को एसआईआर पर भी चर्चा करनी होगी. विपक्ष चाहता है कि इसे चुनावी सुधारों (Electoral Reforms) पर एक व्यापक बहस के हिस्से के रूप में शामिल किया जाए. और यह चर्चा सोमवार दोपहर को ही होनी चाहिए. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने विपक्ष से कहा है कि वे इस पर विचार करके जवाब देंगे.

सरकार 13 बिल लाने की तैयारी में है.
आखिर क्या चाहता है विपक्ष?
लोकसभा की बीएसी बैठक में भी विपक्ष ने एसआईआर का मुद्दा उठाया. विपक्ष चाहता है कि चुनावी सुधारों पर बहस के लिए समय तय किया जाए. वहीं सरकार का कहना है कि निचले सदन (लोकसभा) में सबसे पहले मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025 पर चर्चा होगी. सरकार ने इसे संवैधानिक बाध्यता बताया है. इससे साफ है कि सरकार और विपक्ष के बीच एजेंडे को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है.


