60% भारतीय को नहीं पता क्या है AI? Google की नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

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गूगल की नई स्टडी

इस समय पूरी दुनिया में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा है। हर रोज कोई न कोई कंपनी एआई चैटबॉट लॉन्च कर रही है। 2022 में ChatGPT के आने के बाद से एआई को लेकर अलग ही क्रेज देखने को मिला है। गूगल, एप्पल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने अपने जेनरेटिव एआई बेस्ड टूल लॉन्च कर दिए। एआई के आने से आपके कई काम आसान हो गए हैं। जिस काम के लिए पहले घंटो लगते थे, उसे एआई महज कुछ सेकेंड्स में कर दे रहे हैं। एआई को लेकर गूगल और Kantar ने एक स्टडी की है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

60% भारतीय को AI के बारे में नहीं पता

इस स्टडी में भाग लेने वाले 60 प्रतिशत भारतीयों को AI के बारे में कोई जानकारी नहीं है। क्या आप ये सोच सकते हैं कि जहां एआई को लेकर इतना काम किया जा रहा है। स्वदेशी एआई टूल को लेकर सरकार काम रही है, वहां एआई के बारे में आधे से ज्यादा लोगों को पता ही नहीं है। इस स्टडी में भाग लेने वाले 31 प्रतिशत लोगों ने माना है कि उन्होंने किसी भी AI टूल का इस्तेमाल नहीं किया है। हालांकि, 75% भारतीयों ने अपने डेली रूटीन वाले कामों के लिए एआई के इस्तेमाल में रूचि दिखाई है।

8000 लोगों ने स्टडी में लिया हिस्सा

Google और Kantar ने इस स्टडी में भारत के 18 शहरों के 8,000 लोगों को शामिल किया है। इसमें जेनरेटिव एआई के एडॉप्शन, उसके प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए। इस स्टडी में हिस्सा लेने वाले 72% भारतीय ने अपनी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए एआई के इस्तेमाल की रूचि दिखाई है। वहीं, 77% कम्युनिकेशन और 73% लोगों ने एआई को इस्तेमाल करने में अपनी रूचि प्रकट की है।

भारतीय यूजर्स की ये रूचि केवल प्रोफेशनल्स और एकेडमिक्स तक ही सीमित नहीं है। स्टडी में भाग लेने वाले 76% लोग चाहते हैं कि वो अपने रोजमर्रा के कामों के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं, ताकि समय की बचत हो सके। इसके अलावा 84 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वो अपनी पर्सनल लाइफ में ज्यादा क्रिएटिव होने के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहेंगे। यह स्टडी Google के एआई टूल Gemini के अर्ली एडॉप्शन को लेकर की गई है।

AI ने बढ़ाया कॉन्फिडेंस

गूगल जेमिनी इस्तेमाल करने वाले 92% यूजर्स का मानना है कि एआई के इस्तेमाल से उनका कॉन्फिडेंस बढ़ गया है, जबकि 93 प्रतिशत लोगों का कहना है कि एआई ने उनकी प्रोडक्टिविटी को बढ़ा दी है। वहीं, 85 प्रतिशत लोगों ने एक्सेप्ट किया है कि एआई ने उनकी क्रिएटिवी को जगाने का काम किया है।

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